डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, मंडियों और दुकानों में छापेमारी तेज, मिलावट और ओवररेटिंग पर कड़ी नजर, जांच को भेजे फलों के सैम्पल

  • जनपद में खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार से कोई मिलावट न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निरंतर छापेमारी की कार्यवाही के निर्देश दिए गए है
  • चार धाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की कोई मिलावट न हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई छापेमारी की कार्यवाही
हरिद्वार : चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्ता युक्त खाद्य प्रदार्थ उपलब्ध हो तथा खाद्य प्रदार्थ में किसी प्रकार की कोई मिलावट एवं ओवर रेटिंग न हो इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जनपद में संचालित हो रहे होटल,ढाबों,दुकानों एवं रेस्टोरेंट में निरंतर छापेमारी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
सहायक आयुक्त/जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने अवगत कराया है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त, उत्तराखण्ड सचिन कुर्वे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा (गढ़‌वाल मण्डल)  आर० एस० रावत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल, उनके द्वारा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेन्द्र पाण्डेय, कैलाश चन्द्र टम्टा तथा कपिल देव, मंडी निरीक्षक अजय यादव शामिल रहे। 
खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा हरी सब्जी एवं फल मंडी, सराय रोड, ज्वालापुर, हरिद्वार में होलसेल एवं रिटेल फल विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। टीम द्वारा फलों को पकाने वाली स्प्रे एथलीन गैस तथा एथलीन सेसे (पुड़िया) सहित फलो के कुल 08 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिये गये। टीम द्वारा फलों को पकाने में प्रयुक्त हो रहे फल पकाने वाले राइपिनिंग गैस चेम्बरों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। मौके पर तरबूज, खरबूज, आम, केला आदि की का भौतिक परीक्षण किया गया, फलों में कृत्रिम रंगों के प्रयोग की भी भौतिक रूप से जांच की गयी। कहीं पर भी फलों के पकाने में कैल्शियम कार्बाइड का प्रयोग नहीं मिला तथा प्राथमिक भौतिक परीक्षण में कृत्रिम रंगों का प्रयोग नहीं पाया गया। विस्तृत जांच के लिए फलों के नमूने लेकर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया है। फलों को पकाने में प्रयुक्त होने वाली इथलीन गैस निर्माता कंपनी- मैसर्स नीलकंठ इन्टरप्राइजेज (इण्डिया) नोहर, हनुमानगढ़, राजस्थान तथा इथलीन सेसे (पाऊच) बनाने वाली निर्माता कम्पनी-एम०एम० ट्रेडर्स, साहिबाबाद गाजियाबाद को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एन्ड डिस्प्ले) रेगुलेशन 2020 के तहत नोटिस जारी किया गया है।
एथलीन स्प्रे निर्माता कम्पनी नीलकंठ इण्टरप्राइजेज (इण्डिया) को इथलीन गैस बोटलों पर फूड लाइसेंस नम्बर, निर्माण तिथि, बैच नम्बर तथा एक्सयापरी तिथि अंकित न करने तथा इथलीन कसन ट्रेसन मात्रा की लैब रिपोर्ट, IAF सर्टिफिकेट फूड प्रोडक्ट अप्रूवल, आ० एस० ओ सटिफिकेट प्रस्तुत करने के लिये नोटिस जारी किया गया है। एथलीन सेसे (पाऊच) निर्माता कम्पनी को फूड लाइसेंस, प्रोडक्ट अप्रूवल, एथेफोन का फार्मूलेशन कॉपी, इथलीन गैस कसन ट्रेसन मात्रा की लैब रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिये नोटिस जारी किया गया है।




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