- दो जिलों के चार विकासखंडों में चलेगा कार्यक्रम, आजीविका, रोजगार और वित्तीय समावेशन से परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस
देहरादून। उत्तराखण्ड के अति संवेदनशील परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) और BRAC International के बीच प्रदेश के दो जनपदों के चार विकासखंडों में निवासरत 4,000 अति संवेदनशील परिवारों के सशक्तिकरण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। USRLM की मुख्य कार्यकारी अधिकारी झरना कमठान और BRAC International की कंट्री लीड श्वेता एस. बनर्जी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। साझेदारी के तहत परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, आय के स्थायी साधन विकसित करने, रोजगार एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे परिवार
इस साझेदारी में DAY-NRLM के SAY के कार्यान्वयन ढांचे को अपनाते हुए Graduation Approach का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से अति संवेदनशील परिवारों को लक्षित और समयबद्ध हस्तक्षेपों के जरिए बेहतर जीवन-स्तर तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास होगा। परिवारों की जरूरतों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा, सरकारी योजनाओं, आजीविका और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को मजबूत किया जाएगा।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में होगा काम
समझौते के तहत कार्यक्रम को पांच प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जाएगा। अति संवेदनशील परिवारों को व्यक्तिगत और निरंतर सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित कोच एवं प्रैक्टिस लीडर्स का कैडर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं एवं पात्रताधारित लाभों तक परिवारों की पहुंच सुनिश्चित करने पर काम होगा।
आजीविका से बाजार तक तैयार होगा नेटवर्क
परिवारों को उपयुक्त आजीविका के अवसरों, बाजार, सेवाओं, संस्थाओं और सामुदायिक नेटवर्क से जोड़कर समावेशी आजीविका पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। आय बढ़ाने के साथ उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, रोजगार सृजन और वित्तीय क्षमताओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर फोकस
कार्यक्रम के तहत उन बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, जिनके कारण अति संवेदनशील परिवार सरकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं से जुड़ नहीं पाते हैं। सामाजिक सुरक्षा, पात्रताधारित लाभ, सार्वजनिक सेवाओं और आजीविका के अवसरों तक पहुंच सुगम बनाने के लिए लक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
सीख और सफल मॉडलों को किया जाएगा दस्तावेजीकृत
कार्यक्रम से प्राप्त अनुभवों और साक्ष्यों को दस्तावेजीकृत करने के लिए Learning Resources विकसित किए जाएंगे। इनके माध्यम से कार्यान्वयन क्षमता मजबूत करने, ज्ञान के आदान-प्रदान और प्रभावी मॉडलों के विस्तार एवं अनुकरण की संभावनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होंगे हस्तक्षेप
यह कार्यक्रम उत्तराखण्ड के दो जनपदों के चार विकासखंडों में लागू किया जाएगा। अति संवेदनशील परिवारों की स्थानीय परिस्थितियों और विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हस्तक्षेपों को तैयार एवं क्रियान्वित किया जाएगा। साझेदारी का उद्देश्य परिवारों की स्वायत्तता, गरिमा, क्षमताओं और आर्थिक अवसरों को मजबूत करना है।
ये रहे मौजूद
MoU पर USRLM की मुख्य कार्यकारी अधिकारी झरना कमठान और BRAC International की कंट्री लीड श्वेता एस. बनर्जी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर USRLM के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे, USRLM के अन्य अधिकारी तथा BRAC International की टीम मौजूद रही।


